
सामाजिक न्याय मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह कार्ड “वन नेशन, वन आईडी” की तर्ज पर तैयार किया गया है। इसके जरिए सीनियर सिटीजन को सरकारी योजनाओं, बैंक, अस्पताल और सरकारी कार्यालयों में प्राथमिकता मिलेगी। ग्रामीण इलाकों में लोग ब्लॉक या तहसील कार्यालय में आवेदन कर सकेंगे, जबकि शहरों में ऑनलाइन पोर्टल से कार्ड डाउनलोड किया जा सकेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं में विशेष व्यवस्था
सरकार हर जिले में मोबाइल हेल्थ यूनिट्स और मुफ्त मेडिकल चेकअप कैंप शुरू करेगी। बुजुर्गों को टेलीमेडिसिन और ऑनलाइन डॉक्टर कंसल्टेशन की सुविधा भी मिलेगी, ताकि उन्हें अस्पतालों में लंबी कतारों में न लगना पड़े।
आर्थिक सुरक्षा और पेंशन लाभ
यह कार्ड राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना से जुड़ा होगा। गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले बुजुर्गों को पेंशन डीबीटी के जरिए सीधे बैंक खाते में दी जाएगी। साथ ही एससीएसएस और पीएम व्यय वंदना योजना में ब्याज दरें बढ़ाई गई हैं।
यात्रा और कानूनी मदद भी शामिल
रेलवे, बस और एयरलाइंस में बुजुर्गों को 30–50% तक की छूट मिलेगी। तीर्थ यात्रा योजना के तहत धार्मिक यात्राओं पर आर्थिक सहयोग मिलेगा। हर जिले में लीगल हेल्प डेस्क खोले जाएंगे, जो संपत्ति, पेंशन या धोखाधड़ी मामलों में मुफ्त कानूनी सलाह देंगे।
सम्मान और सुरक्षा का नया अध्याय
“सीनियर सिटिजन कार्ड 2025” बुजुर्गों के लिए जीवन को अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।





